Skip to main content
भारत रत्न पंडित पंत जी की जन्म दिवस पर 

आयोजित हुए कार्यक्रम



नैनीताल। नगर में भारत रत्न पं गोबिन्द बल्लभ पंत की 127वीं जन्मदिवस धूमधाम से मनाया गया। मल्लीताल पंत पार्क में पंडित जी की मूर्ति पर माल्यापर्ण व पुष्पांजलि अर्पित की गयी। पंत पार्क में आयोजित सभा को संबोधित करते हुये बतौर मुख्य अतिथि जिलाधिकारी अक्षत गुप्ता ने कहा कि पं0 गोबिन्द बल्लभ पंत एक महान स्वतंत्रता सेनानी के साथ ही सामाजिक कार्यकर्ता, समाज सुधारक, विधि वेदता थे। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम आंदोलन में महत्वपूण्र भूमिका निभाने के साथ ही कुलीबेगार, भारत छोड़ो आंदोलन में भाग लिया तथा छुआछूत, जमींदारी प्रथा उन्नमूलन व महिला शिक्षा में विशेष कार्य किये। उन्होंने कहा कि पंडित जी को सही मायने में श्रद्धांजलि तभी होगी जब हम उनकी कार्यशैली व जीवनी से प्रेरणा लेकर अपनी कार्यशैली में समाहित करेंगे तथा उनके बताये गये रास्ते पर चलेंगे व समाज सेवा करेंगे। उन्होंने कहा कि पं0 पंत जी के चित्रों व ऐतिहासिक अभिलेखों को फे्रम कर कलक्ट्रेट में एक स्थाई प्रदर्शनी लगायी जायेगी जिसे स्थानीय जनता के साथ ही पर्यटक व आगंतुक भी देख सकेंगे।
सभा को संबोधित करते हुये पूर्व विधायक नारायण सिंह जंतवाल ने पंडित जी को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुये कहा कि पंडित जी महान स्वत्रंता सेनानी, समाज सुधारक व राजनेता थे। उन्होंने विभिन्न आंदोलनों में भाग लिया तथा प्राथमिकता से पहाड़ की बातें रखी। उन्होंने विविधता में एकता के लिये महत्वपूर्ण कार्य किये। श्री जंतवाल ने नव जवानों से आह्वान किया िकवे पंडित जी के जीवन व कार्यो से प्रेरणा लेकर समाज सुधार हेतु आगें आयें। सभा के बतौर अध्यक्ष बोलते हुये अध्यक्ष नगरपालिका श्याम नारायण ने कहा कि पंडित जी की जीवनी से हमें प्रेरणा लेनी चाहिये तथा उनके बताये गये रास्तों पर चलना चाहिये। पंडित जी का पूरा जीवन ही प्ररेणा का श्रोत है हमें उनका अनुश्रवण करना चाहिये। उन्होंने पंडित जी को महान क्रांतिकारी व समाजसेवी बताया। किसन लाल साह कौनी ने कहा कि पंडित जी के जीवन के लक्ष्यों व विचार धाराओं को अपनाकर उनके बताये गये रास्ते पर चलना ही उनको सच्ची श्रृद्धांजलि होगी। उन्होंने उनके जीवन पर वृहद प्रकाश डाला। गोबिन्द बल्लभ पंत स्मारक स्थल पर संस्कृति विभाग द्वारा पंडित जी के जीवन पर प्रदर्शनी लगायी गयी तथा जीजीआईसे बालिका, मोहन लाल साह बालिका, सरस्वती शिशु मंदिर, एशडेल, सीआरएससी व भारतीय शहीद सैनिक विद्यालय के बच्चों द्वारा देश भक्ति के गीत गाये गये। सभा का संचालन दीप पंत जिला संयोजग द्वारा किया गया तथा राष्ट्रपति उप राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल व मुख्य मंत्री के संदेश पढ़े गये।
कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी उदय सिंह राणा, उप जिलाधिकारी आशीष कुमार चैहान, मुख्य शिक्षा अधिकारी रघुनाथ लाल आर्य, अधिशासी अधिकारी रोहिताश शर्मा, राकेश कुमार, गोपाल रावत, पूरन मेहरा, आरपी काला, भुवन चन्द्र हरबोला, राजेन्द्र सिंह कैड़ा, सांसद प्रतिनिधि मनोज जोशी, हरीश भट्ट, संतवीर सिंह, बिमला अधिकारी, कैलाश भट्ट , जोगिन्दर सिंह, हंसा बिष्ट, शिवांश जोशी सहित अनेक गणमान्य व अध्यापक उपस्थित थे।

Comments

Popular posts from this blog

17 साल बाद फिर बनेंगे रैबीज के टीके! वर्ष 1997 में नैनीताल के पटवाडांगर स्थित जैव प्रौद्योगिकी संस्थान में बना था रैबीज का आखिरी टीका  प्रौद्योगिकी संस्थान ने हैदराबाद की कंपनी से सैद्धांतिक अनुबंध किया नीरज कुमार जोशी , नैनीताल । यदि सब कुछ ठीक-ठाक  रहा तो इस वर्ष से नैनीताल के निकटवर्ती पटवाडांगर स्थित जैव प्रौद्योगिक संस्थान में 17 साल बाद फिर से रैबीज की वैक्सीन बनेंगी। संस्थान ने यहां टिश्यू कल्चर तकनीक से वैक्सीन उत्पादन के लिए हैदराबाद की विवीमेड लैब कंपनी से पीपीपी मोड के तहत सैद्धांतिक अनुबंध किया है। पटवाडांगर स्थित जैव प्रौद्योगिक संस्थान वर्ष 1903 में निर्मित ब्रिटिशकालीन भवन में स्थापित किया गया था। पूर्व में यह रैबीज, डिपथीरिया और टिटेनेस के टीके बनाने के लिए संयुक्त उत्तर प्रदेश का एकमात्र संस्थान था। यहां से निर्मित वैक्सीन पूरे उत्तर प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में सस्ती दरों में उपलब्ध कराई जाती थी। 1997 में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के नियमों में बदलाव आने के बाद यहां भेड़ों के मस्तिष्क में उपस्थित कोशिकाओं से वैक्सीन बनाने पर रोक लगा द...

आशा डेंटल क्लीनिक के नाम एक और उपलब्धिः चिकित्सकों की संयुक्त टीम ने बिना चीरे सर्जरी कर 72 घंटे के भीतर लगाया फिक्स जबड़ा

नैनीताल। टीम नैनीताल खबरनामा नैनीताल के प्रतिष्ठित डेंटल क्लीनिक आशा डेंटल क्लीनिक के नाम एक और उपलब्धि जुड़ी है। यहां के चिकित्सकों ने कार्टिकोबेसल इम्लान्ट सर्जरी के माध्यम से बोन क्राफट तकनीक का उपयोग कर यह इलाज करने में सफलता हासिल की है। आशा डेंटल क्लीनिक के निदेशक डा. पंकज सिंह ने बताया कि पहले इस तरह के इलाजों के लिए लोगों को बरेली या दिल्ली स्थित अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़ते थे। लेकिन आशा डेंटल क्लीनिक की इस पहल से लोगों को नैनीताल शहर में ही यह सुविधा मिल रही है। नैनीताल निवासी 60 वर्षीया महिला अस्पताल से मिले इलाज से काफी संतुष्ट हैं। चिकित्सकों की संयुक्त टीम ने इस इलाज को किया। इसमें आशा डेंटल क्लीनिक के डा. पंकज सिंह समेत डा. रूद्राक्ष पंत, डा. रितिक जोशी, डा. नेहा पाठक शामिल रहे। टेक्निशियन पूरन बिष्ट ने सहयोग किया। 

साभार - हिन्दुस्तान