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उत्तराखंड भाजपा को झटका
बची सिंह रावत ने पार्टी के सभी पदों से दिया इस्तीफा

हल्द्वानी (एसएनबी)। उत्तराखंड प्रदेश भाजपा की मुश्किलें अचानक बढ़ गई हैं। प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री बची सिंह रावत ‘ बचदा’ ने भाजपा के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। आनन-फानन में बुलाई गई एक प्रेस कान्फ्रेंस में बचदा ने इसकी घोषणा की है। उन्होंने पार्टी के प्रदेश स्तर के नेताओं पर धोखे में रखने और पार्टी संविधान के विपरीत कार्य करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि यह कदम किसी व्यक्ति विशेष को टिकट मिलने की वजह से नहीं उठाया गया है, बल्कि राज्य संसदीय बोर्ड द्वारा केवल एक नाम केंद्रीय संसदीय बोर्ड को भेजने की वजह से उठाया गया है। उन्होंने इस पूरे मामले की जांच के साथ ही जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की है। बचदा के इस कदम से लोकसभा चुनाव में जाने से पहले भाजपा को तगड़ा झटका लग गया है। बचदा ने यह ऐलान रविवार भाजपा संभाग कार्यालय में जल्दीबाजी में बुलाए गए एक संवाददाता सम्मेलन में किया। उन्होंने कहा कि नैनीताल-ऊधमसिंह नगर संसदीय सीट से तीन लोगों का नाम प्रदेश संसदीय बोर्ड

को भेजा गया था। इनमें बचदा, बलराज पासी और भगत सिंह कोश्यारी का नाम शामिल था। संसदीय बोर्ड ने तीनों नामों का पैनल केंद्रीय संसदीय बोर्ड को भेजने के लिए प्रदेश अध्यक्ष तीरथ सिंह रावत को अधिकृत किया था। उन्होंने कहा कि एक साजिश के तहत केंद्रीय संसदीय बोर्ड को केवल भगत सिंह कोश्यारी का ही नाम भेजा गया है। यह अपमानजनक है। उन्होंने कहा कि 2009 की विपरीत परिस्थतियों के बीच उन्होंने लोकसभा का चुनाव लड़ा था।2012 विस चुनाव में 14 सीटों में से 9 सीटों में भाजपा को सफलता मिली है। इसमें सबसे अहम सफलता तराई से मिली है। तराई की 11 सीटों में भाजपा को 7 मिली हैं। यह एक बड़ी सफलता है। इससे पहले तराई और मैदान में भाजपा का कोई जनाधार नही था। उन्होंने कहा कि चुनाव में हार के बाद उन्होंने 2014 लोस चुनाव लड़ने की तैयारी कर दी थी। हर व्यक्ति तक पहुंचने की कोशिश की। तब पार्टी ने उन्हें टिकट न देने की बात नही की थी। उन्होंने कहा कि 27 फरवरी को केंद्रीय संसदीय बोर्ड में उत्तराखंड के पांचों सीटों के प्रत्याशियों का पैनल मांगा था। इस पैनल में नैनीताल से केवल भगत सिंह कोश्यारी का नाम शामिल किया गया। यह लज्जाजनक है। उन्होंने कहा कि उन्हें टिकट न मिलने की तकलीफ नहीं है। पीड़ा सिर्फ इस बात को लेकर है कि एक साजिश के तहत उनका नाम पैनल में शामिल नहीं किया गया। इस मामले में उनसे कोई र्चचा भी नही की गई। उन्होंने साफ किया कि वे कोश्यारी को टिकट देने से नाराज नही हैं। केवल धोखा देने और पार्टी संविधान के अनुरूप कार्य न होने से नाराज हैं। रावत ने कहा कि उन्होंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता को छोड़कर कार्य समिति, संसदीय बोर्ड के अलावा अन्य सभी पदों से त्याग पत्र दे दिया है। त्याग पत्र प्रदेश अध्यक्ष को प्रेषित कर दिया है। उन्होंने इस त्याग पत्र में राज्य संसदीय बोर्ड द्वारा केवल एक ही नाम भेजने के मामले की जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस जांच के बाद साजिश करने वाले चेहरे बेनकाब हो जाएंगे। उन्होंने एक सवाल के उत्तर में कहा कि अब वे एक सामान्य कार्यकर्ता हैं। इस मामले को वे पार्टी हाईकमान को भी भेज रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि नैनीताल से डा. जोशी को टिकट दिया गया तो भी वे अपने पदों से त्यागपत्र वापस नहीं लेंगे।

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साभार - हिन्दुस्तान