प्रदेश में पंचायत चुनाव टला
-सुप्रीम कोर्ट ने आगामी 30 जून तक चुनाव पर रोक लगाई
नई दिल्ली (एसएनबी)-उत्तराखंड में 29 मार्च तक पंचायत चुनाव कराने के लिए राज्य सरकार को जारी किए गए नैनीताल हाईकोर्ट के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट ने अल्मोड़ा के पाला साल्ट भारतरा संगठन द्वारा दायर अपील पर राज्य सरकार सहित अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया है। नैनीताल हाईकोर्ट ने गत वर्ष पंचायतों का कार्यकाल पूरा होने के बाद दायर जनहित याचिका पर राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग को चुनाव कराने का निर्देश दिया था। जस्टिस एके पटनायक की अध्यक्षता वाली बेंच ने याचिकाकर्ता संगठन की मांग पर हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाते हुए राज्य चुनाव आयोग, पंचायती राज सचिव, ललित मोहन व तेजराम को भी नोटिस जारी किया है। शीर्ष अदालत ने सभी पक्षकारों से चार सप्ताह में जवाब तलब किया है। बेंच के समक्ष याचिकाकर्ता संगठन की ओर से पेश हुए वकील ने कहा कि राज्य में गत वर्ष आई आपदा के बाद पुनर्वास का काम अभी जारी है। इसके साथ ही राज्य में पहाड़ी इलाकों में भारी बर्फबारी हो रही है और सीटों के आरक्षण व परिसीमन का कार्य भी राज्य सरकार पूरा नहीं कर सकी है। ऐसे में हाईकोर्ट ने 10 फरवरी को
पहले राज्य सरकार को सिर्फ दस दिनों का समय दिया और इसके बाद 21 फरवरी को हुई सुनवाई में समुचित तरीके से आरक्षण और परिसीमन की प्रक्रिया पूरी करने के लिए सरकार को समय देने से इनकार कर दिया। राज्य सरकार लोकसभा चुनाव के मद्देनजर पहले से ही काफी व्यस्त है। सुप्रीम कोर्ट ने वकील से पहले यह बताने को कहा कि हाईकोर्ट में पक्षकार न होते हुए भी आपकी ओर से सर्वोच्च अदालत में क्यों याचिका दायर की गई है। इस मसले पर राज्य सरकार ने अदालत में हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील नहीं की है। जवाब में वकील ने कहा इस संबंध में आवेदन को अनुमति मिलने पर ही हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ संगठन ने अपील दायर की है। वकील ने कहा कि राज्य में चारधाम यात्रा, सीबीएसई परीक्षा और उत्तराखंड सेकेंडरी बोर्ड परीक्षा शुरू होने वाली है। ऐसे में राज्य सरकार की ओर से पंचायत चुनाव कराने में अक्षमता जताए जाने के बावजूद हाईकोर्ट ने 29 मार्च तक चुनाव संपन्न कराने का आदेश जारी कर दिया, जबकि सरकार 30 जून तक का समय मांगा था। गौरतलब है कि सितंबर 2013 में उत्तराखंड की पंचायतों का कार्यकाल पूरा हो गया था। लेकिन प्राकृतिक आपदा की वजह से चुनाव को टाल दिया गया था। दिसंबर में हाईकोर्ट ने इस मसले पर ललित मोहन पंत व तेजराम की ओर से दायर जनहित याचिका पर राज्य सरकार से जवाब तलब किया। इसके बाद चुनाव कराने के लिए और समय देने की राज्य सरकार की मांग को अस्वीकार कर दिया।
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